इमदाद रोहानी
” इमदाद रोहानी ” वह जमाअत है जहाँ हम मरीज़ों को शिफा पहुँचाने के अमल को करते हैं जिन कि उन्हें ख़ुद को, दूसरों को, और हमारी आलमी ब्रादरियों को शिफा देने के ज़रीए हिफाज़ते ईमानी का तक़ाज़ा है
आप कि तकलीफ दूर होने तक हैं हम हर वक़्त तय्यार
गुज़िशतह कुछ सालों से तादाद आने वाले हज़रात कि बढ़ने कि वजह से मुकम्मल तौर पर ” नक़्श ” व ” तरकीब ” व ” वज़ाईफ ” या वह आमाल जो फौरी तौर पर भेज ने कि ज़रूरत होती थी ” इमदाद रोहानी ” तमाम कोशिशों के बावजूद उन फौरी मदद देने से क़ासिर था लेकिन अब हम ” इमदाद रोहानी ” अल्लाह के फज़्ल से तमाम वह सहूलत जो ज़रूरी था बाद मुहय्या के में आप को यक़ीन दिलाता हूं अब इन्शाअल्लाह गुज़िशतह वक़्तो में आने वाली तकलीफ का सामनह करने कि नोबत नहीं आएगी ( इन्शाअल्लाह )
जीन्न, परी, इफरीत, ख़ब्बीस, जादू, काला जादू, नज़र, आसेब, हमज़ाद, ग़र्ज़ हर क़िस्म कि बाहरी वार्दात से मुक़र्ररह अय्याम के अन्दर आप को मुकम्मल तौर पर शिफा बज़रीए मदद अल्लाह के पहूंचाने का हम आप को यक़ीन दिलाते हैं और कहते हैं काला जादू व काली नज़र रोहानिय्यत से नहीं टूट ती जब के यह एक मायूसी और ना इल्मी है शुक्र अल्लाह का जो उस ने ” इमदाद रोहानी ” को इस फख़्र से नवाज़ा यानी हर क़िस्म के सहर व जिन्न कि दूरी पर अल्लाह ने क़ुदरत दी है और हां मेरे हज़रत और मज़ीद मालूमात के लिए आप ” इमदाद रोहानी ” के ख़ादिम से राब्तह करने के लिए ” क्या आप अपोईन्टमेंट बुक करना चाहते हैं ” पर दबा कर मुलाक़ात या बात करने के लिए एक वक़्त ले सकते हैं।
क़ारी मोहम्मद इब्राहिम इशाति व घाघड़ावि बेगुसराय बिहार
फार्म व दिगैर और ख़ाके
इमदाद रोहानी कि यह कोशिश भी होती हैं कि हम अपने तमाम मरीज़ों के लिए हर वक़्त पेश आने वाली मुआमलात को कैसे आसान बनाया जाए जैसा कि हमने नीचे कि और फार्म भी तहरीर कर दी हैं जैसे ” किसी भी नाम का जांच कर वाना ” ” दौरान अमल मुआलिज को अमल से आगाह करना ” यानि ज़रूरत के तहत आने वाला मुआमलात ” इमदाद रोहानी ” इस नीचे की और दर्ज देता है ताकि आप हज़रत को तकलीफ का सामनह नह करना पड़े !

